बायोडाटा में सबसे पहले जो चीज़ देखी जाती है वह लिखा हुआ नहीं, फोटो है। बाकी सारी जानकारी उसके बाद पढ़ी जाती है। इसलिए बीस मिनट की मेहनत यहाँ सबसे ज़्यादा काम आती है।

कैसी फोटो सही रहती है

एक साफ़, हालिया, सामने से खींची हुई तस्वीर। बस इतना ही चाहिए।

फोटो का साइज़ और आकार

बायोडाटा की फोटो के लिए पोर्ट्रेट (खड़ी) फोटो चाहिए, लैंडस्केप नहीं। लगभग 3:4 का अनुपात सही बैठता है — यानी पासपोर्ट फोटो जैसा आकार, पर थोड़ा बड़ा।

तकनीकी बात एक ही है: फोटो धुंधली न हो। मोबाइल की सामान्य फोटो (2 MP या उससे ऊपर) प्रिंट के लिए भी पर्याप्त है। पुरानी फोटो को ज़ूम करके काटी गई तस्वीर अक्सर धुंधली आती है — उससे बेहतर है नई खींच लेना।

हमारे बायोडाटा मेकर में फोटो जोड़ने के बाद ज़ूम और पोज़िशन बदली जा सकती है, ताकि चेहरा फ्रेम में ठीक बैठे और सिर या ठोड़ी कटे नहीं। फोटो वाले बायोडाटा पेज पर यही सब पहले से तैयार मिलता है।

पूरी लंबाई की फोटो

कई परिवार पहली ही बार में फुल-लेंथ फोटो माँगते हैं। अगर आपके समाज में यह आम है तो पहले से जोड़ देना बेहतर — बार-बार माँगने-भेजने का चक्कर बचता है। मेकर में दूसरी फोटो जोड़ने का विकल्प है।

इसमें भी वही नियम: सादा बैकग्राउंड, सीधी खड़ी मुद्रा, सामान्य कपड़े।

आम गलतियाँ

एक ज़रूरी बात — फोटो आगे बढ़ती है

बायोडाटा फॉरवर्ड होने के लिए ही बनता है। मान कर चलिए कि आपकी फोटो उन लोगों तक भी पहुँचेगी जिनसे आप कभी मिले नहीं। इसलिए:

हमारा टूल फोटो को कहीं अपलोड नहीं करता — पूरी फाइल आपके ब्राउज़र में बनती है। पर जो फाइल आप भेजेंगे, वह आगे कहाँ तक जाएगी, यह आपके हाथ में नहीं रहता। इसलिए चुनाव सोच-समझकर करें।

छोटी चेकलिस्ट

इतना ध्यान रख लिया तो फोटो अपना काम कर देगी — और बाकी बातचीत जानकारी पर होगी, तस्वीर पर नहीं।